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In Haryana Congress is the Biggest Contestant after BJP

हरियाणा में खट्टर सरकार को कड़ी चुनौती दे रही है कांग्रेस

हरियाणा में भाजपा सरकार का शासन रहा है, लेकिन कुछ समय से कांग्रेस पार्टी खट्टर सरकार के प्रभाव को कम करते हुए विधानसभा चुनावों में कड़ी टक्कर देकर जमीनी हकीकत को बदलती नजर आ रही है। 

भाजपा के मुकाबले कांग्रेस ने इस बार के चुनाव में 90 विधानसभा सीटों के लिए अपने  84 प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। हैरतअंगेज़ है कि जिस पार्टी को बार-बार एक कमजोर विपक्ष और जमीनी स्तर पर विभाजित पाया जाता था, द-ट्रिब्यून की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, वही पार्टी हरियाणा में आज जीत के दावेदार के रूप में उभरकर आई है। इस रिपोर्ट के तथ्यों ने हरियाणा के चुनावी माहौल को और दिलचस्प बना दिया है। रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस 40 से ज्यादा सीटों पर भाजपा को कड़ी टक्कर दे रही है।

इसका कारण, कांग्रेस के संकल्प पत्र में निहित हर समुदाय के लोगों के लिए विभिन्न योजनाओं को माना जा रहा है। कांग्रेस के संकल्प पत्र में 5100 रु बुढ़ापा पेंशन, बीपीएल महिलाओं को हर महीने 2000 रु चूल्हा खर्च, विद्यार्थियों को सालाना वजीफा, बेरोजगारी भत्ता, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के लोगों को 100-100 वर्ग गज के फ्री प्लॉट्स देने के वादों ने लोगों को ज्यादा आकर्षित किया है। 

आपको बता दें कि कांग्रेस ने इस संकल्प पत्र की जानकारी हरियाणा के कोने कोने तक पहुँचाने के लिए एक निशुल्क नंबर 9355333011 की सेवा भी जारी की थी। चुनावी विश्लेषकों ने मुताबिक कांग्रेस के संकल्प पत्र ने हरियाणा की जनता को ज्यादा आकर्षित किया है क्योंकि 2014 के वादे पूरे करने में असफल रही भाजपा ने अपने 2019 के घोषणा पत्र में कोई ठोस वादे नहीं कर पाई।

मीडिया के इस्तेमाल में माहिर माने जाने वाली भाजपा ने इस स्थिति का पूर्वानुमान नहीं लगाया था जिसके चलते उनकी गतिविधियां लोगों को रिझाने में असफल रही हैं। वहीं कांग्रेस ने मीडिया के अलग-अलग माध्यमों पर अपने आक्रामक अभियानों से हर मोर्चे पर बढ़त बनाई हुई है। हरियाणा की सियासत अब एक ऐसे मोड़ पर आ चुकी है जब किसी के लिए ये बताना मुश्किल हो गया है कि जीत का सेहरा किसके सर बंधेगा। हरियाणा में 21 अक्टूबर को मतदान होना है और मतों की गिनती 24 अक्टूबर को होगी।